कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य में भ्रष्टाचार के त्रिकोण की बात कही है। उन्होंने एक ट्वीट में कानपुर के वकील अखिलेश दुबे के मामले का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में फर्जी एनकाउंटर, काली कमाई वाले अधिकारी और इनकी करतूतों को छिपाने वाले वकील मिलकर भ्रष्टाचार का नेटवर्क चला रहे हैं।
उप्र में भाजपाई भ्रष्टाचार का त्रिकोण :
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 18, 2025
– फ़र्ज़ी एनकाउंटर वाली भ्रष्ट भाजपा सरकार
– काली कमाई वाले भाजपा संरक्षित भ्रष्ट अधिकारी
– उपर्युक्त दोनों की करतूतों को छिपाने वाला भ्रष्ट भाजपाई वकील
हज़ारों करोड़ कमानेवाले भ्रष्टाचारी को न ड्रोन देख पाया, न दूरबीन में वो नज़र… pic.twitter.com/VgfwLhWxb5
अखिलेश यादव ने ट्वीट में लिखा, “उप्र में भाजपाई भ्रष्टाचार का त्रिकोण: फर्जी एनकाउंटर वाली भ्रष्ट भाजपा सरकार, काली कमाई वाले भाजपा संरक्षित भ्रष्ट अधिकारी, उपर्युक्त दोनों की करतूतों को छिपाने वाला भ्रष्ट भाजपाई वकील।” उन्होंने आगे कहा कि हजारों करोड़ की काली कमाई करने वाले भ्रष्टाचारियों को न तो ड्रोन देख पाया और न ही दूरबीन में वे नजर आए, मामला तब खुला जब आपस में ही रंगदारी का गोरखधंधा सामने आया।
इस ट्वीट में अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या इस भू-माफिया के अवैध कब्जों पर बुलडोजर अपने आप चल जाएगा या फिर कोई सबसे बड़ा रंगदार इनसे वसूली कर मामला रफा-दफा कर देगा। उन्होंने यूपी के ‘माफिया मुक्त’ होने के दावों पर भी सवाल उठाए, कहते हुए कि सच तो यह है कि यूपी ‘माफिया मुक्त’ नहीं हुआ, बल्कि माफिया किसी एक में समाकर ‘महामाफिया’ बन गया है।
पाठकों की प्रतिक्रियाएं
अखिलेश यादव के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने उनकी बातों से सहमति जताई, जबकि कुछ ने उन्हें उनके अपने कार्यकाल के दौरान माफियाओं के पोषण का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, “ठीक ऐसा ही मुख्तार अंसारी करता था, ठीक ऐसा ही मोहम्मद आजम खान करता था, ठीक ऐसा ही आपका प्रिय अतीक अहमद करता था, पर आपने इनके लिए पोस्ट इसलिए नहीं किया क्योंकि मुसलमान थे।”
दूसरे यूजर ने कहा, “जंगल में मोर नाचा किसने देखा? कोई सबूत है अगर नहीं तो जनता को भ्रमित करने का काम बंद करो। जनता सब जानती है इसीलिए तू 8 साल से विपक्ष में है और अगले कई साल वही रहेगा।”
कुछ यूजर्स ने योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की, कहते हुए कि माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य ने अखिलेश यादव पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उठाने का आरोप लगाया।